Search This Blog

Friday, 8 July 2016

अम्मा जान - AMAZON

विभूति जी- तिवारी जी मुझे कुछ नये  कपड़े  चाहिये...

अंगूरी भाभी- भरभूती जी "अम्मा जान" से मंगवा लीजिये...

विभूति जी- भाभीजी Its not अम्मा जान its "AMAZON"..

अंगूरी भाभी- सही पकड़े हैं....

Bridges and Walls

Bridges and walls are made with same material but...
Bridge joins the people and...
walls divides  the people...

CHOOSE THE RIGHT ONE!!!

अनुभव जीवन की सीख

अनुमान गलत हो सकता है पर अनुभव कभी गलत नहीं होता
क्योंकि अनुमान हमारे मन की कल्पना है और
अनुभव हमारे जीवन की सीख है जिसे हर पल हर दम  हम जीते है!

Thursday, 30 June 2016

Positive Thought.... MOTIVATION



MOTIVATION is already lying within us like STICKS in MATCHBOX .💫✨

We need to LIGHT IT . 💥💥
Then we can ENLIGHTEN the ENTIRE UNIVERSE 🌎😇

Sunday, 19 June 2016

ना समय देखा ना उम्र

⌚"ना समय देखा ना उम्र देखी..."👨🏻

अपने तो सिर्फ़ अपने बच्चों की ख़ुशी देखी...
और वो सब इच्छा पूरी की..जो हमने सोची..

🙏हैपी Dad's Day🙏

है लहू जिनका मेरी रगों में

है लहू जिनका मेरी रगों में, तेवर भी उन्हीं का वरदान है,
शान से जीना सिखाया जिसने, "पापा" उनका नाम है।।

Happy Father's Day

Importance of Brother in the Life

रावण जब रणभूमि में मृत्युशय्या पर अंतिम सांसे ले रहा था तब उसने श्री राम से कहा-

🏆'राम मैं तुमसे हर बात में श्रेष्ठ
      हूँ।

🏆जाति मेरी ब्राह्मण हैं, जो तुमसे
     श्रेष्ठ है।

🏆आयु में भी तुमसे बड़ा हूँ।

🏆मेरा कुटुम्ब तुम्हारे कुटुम्ब से
     बड़ा है।

🏆मेरा वैभव तुमसे अघिक हैं।

🏆तुम्हारा महल स्वर्णजड़ित है
     परन्तु मेरी पूरी लंका ही स्वर्ण
     नगरी है।

🏆मैं बल और पराक्रम में भी तुमसे
     श्रेष्ठ हूँ।

🏆मेरा राज्य तुम्हारे राज्य से
     बड़ा है।

🏆ज्ञान और तपस्या में तुमसे श्रेष्ठ
     हूँ।

🏆इतनी श्रेष्ठताओं के होने पर भी
     रणभूमि में मैं तुमसे परास्त हो
     गया।

👉👉सिर्फ इसलिये कि
तुम्हारा भाई तुम्हारे साथ है,
और
मेरा भाई मेरे खिलाफ..............????

🙏 बिना भाई के साथ के जब रावण हार सकता है तो हम किस घमंड में है ..?
सदा साथ रहिये  सदा विजय रहिये ......
सभी को कोशिश करनी चाहिए की कभी परिवार टूटे नही।

अंदरुनी एकता बनाये रखो । क्योकि-

''किसी भी पेड़ के कटने का किस्सा न होता,
अगर कुल्हाड़ी के पीछे लकड़ी का हिस्सा न होता ।''

वास्तविकता...

बच्चों की गलती नहीं है, जब स्त्रियां ( माताएं) दीपिका, कैटरीना  बनने के सपने देखती हो तो समाज में  महावीर या बुद्ध का जन्म कैसे हो? ...